Saturday, June 4, 2011

मनोरंजन से भरपूर रेडी-फिल्म समीक्षा

वांटेड  और दबंग  जैसे सिनेमा की अगली  कड़ी है रेडी। अब सलमान खान से किसी बौद्धिक फिल्म की अपेक्षा करना गलत होगा। हिंदी फिल्मों के पारंपरिक दर्शकों को ध्यान में रखकर मसाले से भरपूर यह फार्मूला फिल्म बनाई गई है। रेडी में सिचुएशनल  कॉमेडी है, नायक-नायिका का गीतों से सजा रोमांस है, नायक-खलनायक की मारधाड़ है और साथ में परंपराओं का खंडन एवं कटुता को परे रखकर प्रेमभाव से रहने का संदेश है। यह अनीस बज्मी  की नहीं, पूरी तरह से सलमान खान की फिल्म है।

रेडी का नायक है प्रेम। वह बैंकॉक के एक अमीर भारतीय परिवार का लाडला है। उसके पिता और दोनों चाचा चाहते हैं कि प्रेम की जल्द से शादी हो जाए ताकि वह जिम्मेदार बन जाए। पंडित जी की सलाह पर प्रेम की शादी पूजा से करने का विचार किया जाता है। प्रेम और चाचा एयरपोर्ट पर पूजा को लेने जाते हैं। प्रेम को बाद में पता चलता है कि उसके घर में आई लड़की पूजा नहीं, संजना  है। संजना  अपने दोनों डॉन  मामाओं  से भाग रही है। वे उसके दो सौ करोड़ रूपए के लिए जबरन उसकी शादी कराना चाहते हैं। प्रेम संजना  की मदद करता है। अपनी पत्नी में खुर्राट, कमीनी और होनहार जैसी खूबियां चाहने वाले प्रेम को संजना में यह सारी बातें मिलती हैं। संजना को हासिल करने के लिए प्रेम न सिर्फ संजना  के दोनों मामाओं  को सुधारता है बल्कि वह सगे भाइयों का मिलन भी करवाता है।
हिंदी फिल्मों में गालियां आम बात हो गई हैं। रेडी के नायक प्रेम का परिचय दिया गया है कि वह कुत्ता-कमीना है। प्रेम खुद भी स्वयं को मॉडर्न  जमाने का कुत्ता और अपनी गर्लफ्रेंड संजना  को कुतिया कहता है। सलीम खान जैसे मशहूर लेखक की निगरानी  में लिखी गई रेडी फिल्म का यह पक्ष दुख पहुंचाता है। अजीब बात है कि बैंकाक में रची-बसी रेडी के किरदार देसी हिंदी और गालियां तो देते ही हैं, वहां के स्थानीय डॉक्टर और बैंक का वॉचमैन  भी हिंदी बोलता है। फिल्म के लोकप्रिय हो चुके कैरेक्टर  ढीला और ढिंक-चिका  गीतों का फिल्म में म्यूजिक वीडियो के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। रेडी का नायक प्रेम क्लाइमेक्स की ओर बढ़ते-बढ़ते अपने विरोधियों का दिल जीतकर परोक्ष रूप से आदर, सम्मान, प्रेम आदि का संदेश दे जाता है। रेडी सलमान खान के लिए लिखी गई फिल्म है। इसके हर फ्रेम में वे अपने स्टाइल में मौजूद हैं। संजना  के किरदार में असिन ने एक बार फिर अपने सहज अभिनय का परिचय दिया है। सहयोगी  भूमिकाओं में परेश रावल, महेश मांजरेकर, अखिलेंद्र मिश्रा, मनोज जोशी, आर्य बब्बर ने सधा अभिनय किया है। निकितन  धीर में हिंदी फिल्मों का एक दमदार युवा खलनायक महसूस किया जा सकता है। वांटेड  और दबंग  के प्रशंसकों को रेडी फिल्म जंचेगी।
रेटिंग- तीन स्टार
-रघुवेन्द्र सिंह

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